वह नारी ही तो है
उषा किरण सी कोमल ,वर्षा की बूँदों सी पावनफूलों की पंखुड़ियों समान पलकों का अवगुंथन उठा
नव जात शिशु ने जिससे पहले पहल निहारा
वह नारी ही तो है _ _ _ _ _ _ _ _ __ मानव रूप को सर्व प्रथम अपने आँचल की छाँव देती
वह नारी ही तो है _ _ _ _ _ _ _
जिसने प्रभु वा परिजनो से परिचय करायाजिसने संस्कारों का सस्नेह पाठ पढ़ाया
जिसने मात्रभूमि के लिए कर्तव्यों का भान कराया
वह नारी ही तो है _ _ _ _
वह नारी ही तो है _ _ _ _ _ _ _
निर्माण की प्रेरणा ,ज्ञान की अविरल बहती धारा
देश को विवेक और आनंद जिसने समर्पित किया,
वह नारी ही तो है ...... नीरा भसीन

